Friday, 19 September 2025

गायक और असम के सांस्कृतिक आइकन जुबीन गर्ग का निधन, सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग हादसे में हुई मौत


सिंगापुर में एक दुखद स्कूबा डाइविंग हादसे में असम के मशहूर गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग का 52 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जुबीन नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में भाग लेने सिंगापुर गए थे। तीन दिवसीय यह उत्सव 20 सितम्बर से शुरू होना था, जिसमें जुबीन का विशेष कार्यक्रम भी तय था।


हादसा और निधन

zubin garg death


जानकारी के मुताबिक, स्कूबा डाइविंग के दौरान जुबीन गर्ग को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह घायल हो गए। सिंगापुर पुलिस ने उन्हें समुद्र से निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल आयोजकों ने बयान जारी करते हुए कहा—

"गहरी पीड़ा के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि स्कूबा डाइविंग करते समय जुबीन गर्ग को सांस लेने में कठिनाई हुई। तुरंत सीपीआर दिया गया और उन्हें सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया। गहन प्रयासों के बावजूद दोपहर 2:30 बजे (भारतीय समय) आईसीयू में उनका निधन हो गया।"


उनका अचानक हुआ निधन प्रशंसकों, सहकर्मियों और पूरे असमी समाज के लिए गहरा सदमा है।


जुबीन गर्ग की संगीत यात्रा


असम की आवाज़ माने जाने वाले जुबीन गर्ग ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि बॉलीवुड में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। फिल्म गैंगस्टर का गीत ‘या अली’ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसके अलावा ‘दिल तू ही बता’ (कृष 3) और ‘जाने क्या चाहे मन’ (प्यार के साइड इफेक्ट्स) जैसे हिट गाने भी उनकी झोली में हैं। उन्होंने हिंदी, असमी, बंगाली, नेपाली सहित कई भाषाओं में गाया और हर वर्ग के श्रोताओं का दिल जीता।


शोक संदेशों की बाढ़


जुबीन गर्ग के निधन की खबर आते ही पूरे देशभर से श्रद्धांजलि संदेश आने लगे।


पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने लिखा—

"हमारे सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग के असामयिक निधन से गहरा सदमा पहुँचा। उनकी आवाज़ और संगीत ने पीढ़ियों को प्रेरित किया। परिवार और प्रशंसकों को गहरी संवेदनाएँ।"


अभिनेता आदिल हुसैन ने कहा—

"जुबीन के अचानक निधन से बहुत दुखी हूँ। असमी संस्कृति और संगीत में उनका योगदान असाधारण है। वे हमेशा अपने गीतों के माध्यम से जीवित रहेंगे।"


असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे “राज्य और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति” बताया।


असम कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने लिखा—

"असम ने सिर्फ एक आवाज़ नहीं, बल्कि अपनी धड़कन खो दी है। जुबीन दा असम का गौरव थे। उनकी संगीत धरोहर सदा हमें प्रेरित करती रहेगी।"


गायक पपोन ने भावुक होते हुए लिखा—

"यह बहुत बड़ा झटका है। पीढ़ी की आवाज़ चली गई। एक दोस्त, एक भाई खो दिया। शब्द नहीं हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।"


जुबीन गर्ग की विदाई से असम ही नहीं, बल्कि पूरे भारत ने एक महान सांस्कृतिक धरोहर खो दी है।

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