विराटनगर। जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान कोशी प्रदेश के लगभग सभी मंत्रालय अराज भीकड़ के निशाने पर आ गए । तोड़फोड़ और आगजनी के बाद चोरी व लूटपाट की घटनाएँ भी हुईं । प्रदेश सरकार की प्रमुख सचिव चन्द्रकला पौडेल ने बताया कि अब कोई भी मंत्रालय सुरक्षित अवस्था में नहीं है।
सबसे अधिक नुकसान मुख्यमन्त्री कार्यालय, आन्तरिक मामिला तथा कानून, आर्थिक मामिला तथा योजना, उद्योग, कृषि एवं सहकारी मन्त्रालय में हुआ है । पौडेल के अनुसार जिला स्तर के कार्यालय और प्रदेश का यातायात कार्यालय कम प्रभावित हैं और सेवाएँ शुरू करने की तैयारी में हैं । लेकिन मुख्यमन्त्री कार्यालय सहित अन्य प्रमुख मन्त्रालय तत्काल संचालन योग्य स्थिति में नहीं हैं । फिलहाल क्षति कम वाले कक्ष से एक ही हाल में बैठकर प्रशासनिक कार्य करने की योजना बनाई गई है।
इस बीच, अराजक समूह की आगजनी से विराटनगर महानगरपालिका भी लगभग शून्य अवस्था में पहुँच गई है। उपप्रमुख शिल्पा निरला कार्की का कार्यकक्ष छोड़कर सभी कार्यालय कक्षों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई है। प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत योगेन्द्र प्रसाद दुलाल ने बताया कि कार्यालय के अधिकांश कागजात, दस्तावेज और सरकारी वाहन जलकर नष्ट हो चुके हैं।
महानगरपालिका के डोज़र, मिनी ट्रक, कचरा उठाने, पानी सप्लाई करने और विद्युत सेवा से जुड़े वाहन भी जलाए गए हैं। उपप्रमुख कार्की के अनुसार साधन–स्रोत की दृष्टि से महानगरपालिका इस समय पूरी तरह शून्य स्थिति में है।
महत्त्वपूर्ण नक्सा फाँट, राजस्व फाँट और घर-जग्गा फाँट में चुन–चुनकर आगजनी की गई है। दुलाल ने बताया कि अधिकांश अभिलेख नष्ट हो चुके हैं और न्यूनतम सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में महानगरपालिका तत्काल सेवा प्रवाह करने की स्थिति में नहीं है।

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